केंद्र सरकार ने 2 नवंबर 2026 को विकसित भारत–जी राम जी (VB-G RAM G) शिकायत निवारण नियम, 2026 लागू कर दिए। ग्रामीण विकास मंत्रालय के इन नियमों का सबसे बड़ा मतलब: अब मज़दूर की हर शिकायत दर्ज होगी, उसे रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, और 15 दिन में उसका समाधान करना होगा।
नए नियमों में क्या है?
- हर स्तर पर अधिकारी: राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और ज़िला – तीनों स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारी तय करने होंगे।
- शिकायत मना नहीं होगी: भाषा, फ़ॉर्मेट या देने के तरीक़े की वजह से कोई शिकायत लौटाई नहीं जा सकती।
- रसीद ज़रूरी: हर शिकायत पर पावती मिलेगी, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर, तारीख़ और अधिकारी का पद लिखा होगा।
- काग़ज़ वाली शिकायत भी ऑनलाइन: जो शिकायत हाथ से दी गई है, उसे उसी दिन या अगले कामकाजी दिन तक ऑनलाइन पोर्टल पर चढ़ाना होगा।
- सुनवाई का मौक़ा: फ़ैसले से पहले शिकायत करने वाले को अपनी बात रखने का मौक़ा मिलेगा – सामने या ऑनलाइन।
- नतीजा बताना होगा: जाँच में क्या मिला और क्या कार्रवाई हुई, यह शिकायतकर्ता को बताना ज़रूरी है।
कितने दिन में क्या होगा
| चरण | समय-सीमा |
|---|---|
| काग़ज़ वाली शिकायत पोर्टल पर चढ़ाना | उसी दिन / अगला कामकाजी दिन |
| जाँच (Inquiry) | 7 दिन |
| समाधान | 15 दिन |
| 15 दिन में हल न हो तो | अपने-आप ऊपर के स्तर पर (escalation) |
| फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने का समय | 45 दिन |
| अपील का निपटारा | 30 दिन |
किन बातों की शिकायत कर सकते हैं?
क़ानून (VB-G RAM G Act, 2025 की धारा 25) के तहत: काम न मिलना, मज़दूरी देर से या न मिलना, बेरोज़गारी भत्ता न मिलना, काम की जगह पर सुविधाएँ न होना, भेदभाव और परेशान करना।
शिकायत कैसे दें – 4 तरीक़े
- खुद जाकर: ग्राम पंचायत, ब्लॉक या ज़िले के शिकायत निवारण अधिकारी को।
- स्पीड पोस्ट से (डिलीवरी का सबूत रखें)।
- ऑनलाइन पोर्टल पर: मोबाइल नंबर और OTP से। पूरा तरीका स्क्रीनशॉट के साथ: नरेगा शिकायत ऑनलाइन कैसे करें।
- फ़ोन / हेल्पलाइन पर, या राज्य सरकार के बताए किसी और तरीक़े से।
शिकायत करने से पहले अपना पेमेंट स्टेटस ज़रूर देख लें – कई बार पैसा बैंक/आधार की वजह से अटका होता है, जो बैंक में ही ठीक हो जाता है।
मसौदे (ड्राफ़्ट) से क्या हटाया गया?
मई 2026 में जारी मसौदे की कुछ बातें आख़िरी नियमों में नहीं हैं, जैसे: देरी करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना/कार्रवाई, पैसों की गड़बड़ी पर FIR दर्ज करना, और हर हफ़्ते एक तय “शिकायत दिवस”। Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक़ इनमें से कई बातें क़ानून की अनुसूची-1 (पैरा 28) में पहले से हैं, इसलिए नियमों में न होने से क़ानूनी ज़िम्मेदारी ख़त्म नहीं होती। विपक्षी दल कांग्रेस ने इन बदलावों की आलोचना की है, जबकि सरकार का कहना है कि नियमों से तय समय में समाधान पक्का होगा।
मज़दूरों के लिए 3 काम की बातें
- शिकायत लिखित में दें और पावती / टोकन नंबर ज़रूर लें।
- 15 दिन बाद भी हल न हो तो टोकन से स्टेटस देखें – मामला ऊपर गया या नहीं।
- फ़ैसले से संतुष्ट न हों तो 45 दिन के अंदर अपील करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जी राम जी शिकायत निवारण नियम कब लागू हुए?
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इन्हें 2 नवंबर 2026 को अधिसूचित किया।
शिकायत का समाधान कितने दिन में होगा?
जाँच 7 दिन में और समाधान 15 दिन में। न हो तो शिकायत ऊपर के अधिकारी के पास चली जाती है।
क्या शिकायत हिंदी या अपनी भाषा में दे सकते हैं?
हाँ। नियमों के अनुसार भाषा या फ़ॉर्मेट की वजह से शिकायत मना नहीं की जा सकती।
स्रोत: ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना पर आधारित Business Standard, The News Mill और Elets eGov की रिपोर्टें (2–3 नवंबर 2026)। यह जानकारी नरेगा जॉब कार्ड (एक स्वतंत्र वेबसाइट) ने आसान भाषा में दी है; आधिकारिक नियम सरकारी गज़ट में देखें।
