नई मज़दूरी दर 2026-27: हरियाणा में ₹409, ज़्यादातर राज्यों में ₹300 रोज़

नई मज़दूरी दरें 30 जून 2026 की अधिसूचना (S.O. 3518(E)) से तय हुईं और 1 जुलाई 2026 से लागू हैं। सीधी बात – अब देश के किसी भी राज्य में रोज़ की मज़दूरी ₹300 से कम नहीं है।

किस राज्य में सबसे ज़्यादा?

हरियाणा सबसे ऊपर है, ₹409 रोज़। उसके बाद गोवा (₹406), केरल (₹401) और कर्नाटक (₹382)। पंजाब में ₹360, तमिलनाडु में ₹345, महाराष्ट्र में ₹317, आंध्र प्रदेश में ₹312 और तेलंगाना में ₹308 है। हिमाचल के अनुसूचित (शेड्यूल्ड) इलाक़ों में ₹375 है, बाक़ी हिमाचल में ₹300।

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, असम और ज़्यादातर बाक़ी राज्यों में ₹300 रोज़ है।

पूरी लिस्ट

नीचे की टेबल में अपना राज्य लिखकर ढूँढ सकते हैं:

राज्यवार मज़दूरी दर

राज्य / केंद्र शासित प्रदेशदर (₹/दिन)125 दिन
आंध्र प्रदेश₹312₹39,000
अरुणाचल प्रदेश₹300₹37,500
असम₹300₹37,500
बिहार₹300₹37,500
छत्तीसगढ़₹300₹37,500
गोवा₹406₹50,750
गुजरात₹300₹37,500
हरियाणा₹409₹51,125
हिमाचल प्रदेश (गैर-अनुसूचित क्षेत्र)₹300₹37,500
हिमाचल प्रदेश (अनुसूचित क्षेत्र)₹375₹46,875
जम्मू-कश्मीर₹300₹37,500
लद्दाख₹300₹37,500
झारखंड₹300₹37,500
कर्नाटक₹382₹47,750
केरल₹401₹50,125
मध्य प्रदेश₹300₹37,500
महाराष्ट्र₹317₹39,625
मणिपुर₹300₹37,500
मेघालय₹300₹37,500
मिज़ोरम₹300₹37,500
नागालैंड₹300₹37,500
ओडिशा₹300₹37,500
पंजाब₹360₹45,000
राजस्थान₹300₹37,500
सिक्किम₹300₹37,500
सिक्किम (ज्ञानथांग, लाचुंग, लाचेन ग्राम पंचायत)₹450₹56,250
तमिलनाडु₹345₹43,125
तेलंगाना₹308₹38,500
त्रिपुरा₹300₹37,500
उत्तर प्रदेश₹300₹37,500
उत्तराखंड₹300₹37,500
पश्चिम बंगाल₹300₹37,500
अंडमान-निकोबार (अंडमान जिला)₹348₹43,500
अंडमान-निकोबार (निकोबार जिला)₹367₹45,875
दादरा-नगर हवेली और दमण-दीव₹340₹42,500
लक्षद्वीप₹348₹43,500
पुडुचेरी₹347₹43,375

स्रोत: अधिसूचना S.O. 3518(E), 30-06-2026, 01-07-2026 से लागू। गज़ट PDF देखें

हिसाब कैसे लगाएँ

मान लीजिए आप बिहार में हैं और इस महीने 20 दिन काम किया। 20 × ₹300 = ₹6,000 बनते हैं। पूरे 125 दिन काम मिले तो साल में ₹37,500 तक। हरियाणा में यही 125 दिन ₹51,125 बनते हैं।

पर एक बात साफ़ समझ लें – यह “अधिकतम” हिसाब है। असली भुगतान इस पर टिका है कि मस्टर रोल में हाज़िरी कितनी लगी और काम की नाप-जोख (मेज़रमेंट) में कितना काम दर्ज हुआ। कई बार कम नाप दर्ज होने से पैसा भी कम आता है। ऐसा लगे तो मेट या रोज़गार सेवक से नाप की कॉपी देखने को कहें।

अपने दिन डालकर हिसाब लगाना हो तो मज़दूरी कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

बढ़ी हुई मज़दूरी कब से मिलेगी?

नई दर 1 जुलाई 2026 से किए गए काम पर लागू है। अगर जुलाई के बाद के काम का पैसा पुरानी दर से आया हो, तो पेमेंट की डिटेल निकालकर पंचायत में दिखाएँ। पेमेंट देखने का तरीक़ा यहाँ है।