नई मज़दूरी दरें 30 जून 2026 की अधिसूचना (S.O. 3518(E)) से तय हुईं और 1 जुलाई 2026 से लागू हैं। सीधी बात – अब देश के किसी भी राज्य में रोज़ की मज़दूरी ₹300 से कम नहीं है।
किस राज्य में सबसे ज़्यादा?
हरियाणा सबसे ऊपर है, ₹409 रोज़। उसके बाद गोवा (₹406), केरल (₹401) और कर्नाटक (₹382)। पंजाब में ₹360, तमिलनाडु में ₹345, महाराष्ट्र में ₹317, आंध्र प्रदेश में ₹312 और तेलंगाना में ₹308 है। हिमाचल के अनुसूचित (शेड्यूल्ड) इलाक़ों में ₹375 है, बाक़ी हिमाचल में ₹300।
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, असम और ज़्यादातर बाक़ी राज्यों में ₹300 रोज़ है।
पूरी लिस्ट
नीचे की टेबल में अपना राज्य लिखकर ढूँढ सकते हैं:
राज्यवार मज़दूरी दर
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | दर (₹/दिन) | 125 दिन |
|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | ₹312 | ₹39,000 |
| अरुणाचल प्रदेश | ₹300 | ₹37,500 |
| असम | ₹300 | ₹37,500 |
| बिहार | ₹300 | ₹37,500 |
| छत्तीसगढ़ | ₹300 | ₹37,500 |
| गोवा | ₹406 | ₹50,750 |
| गुजरात | ₹300 | ₹37,500 |
| हरियाणा | ₹409 | ₹51,125 |
| हिमाचल प्रदेश (गैर-अनुसूचित क्षेत्र) | ₹300 | ₹37,500 |
| हिमाचल प्रदेश (अनुसूचित क्षेत्र) | ₹375 | ₹46,875 |
| जम्मू-कश्मीर | ₹300 | ₹37,500 |
| लद्दाख | ₹300 | ₹37,500 |
| झारखंड | ₹300 | ₹37,500 |
| कर्नाटक | ₹382 | ₹47,750 |
| केरल | ₹401 | ₹50,125 |
| मध्य प्रदेश | ₹300 | ₹37,500 |
| महाराष्ट्र | ₹317 | ₹39,625 |
| मणिपुर | ₹300 | ₹37,500 |
| मेघालय | ₹300 | ₹37,500 |
| मिज़ोरम | ₹300 | ₹37,500 |
| नागालैंड | ₹300 | ₹37,500 |
| ओडिशा | ₹300 | ₹37,500 |
| पंजाब | ₹360 | ₹45,000 |
| राजस्थान | ₹300 | ₹37,500 |
| सिक्किम | ₹300 | ₹37,500 |
| सिक्किम (ज्ञानथांग, लाचुंग, लाचेन ग्राम पंचायत) | ₹450 | ₹56,250 |
| तमिलनाडु | ₹345 | ₹43,125 |
| तेलंगाना | ₹308 | ₹38,500 |
| त्रिपुरा | ₹300 | ₹37,500 |
| उत्तर प्रदेश | ₹300 | ₹37,500 |
| उत्तराखंड | ₹300 | ₹37,500 |
| पश्चिम बंगाल | ₹300 | ₹37,500 |
| अंडमान-निकोबार (अंडमान जिला) | ₹348 | ₹43,500 |
| अंडमान-निकोबार (निकोबार जिला) | ₹367 | ₹45,875 |
| दादरा-नगर हवेली और दमण-दीव | ₹340 | ₹42,500 |
| लक्षद्वीप | ₹348 | ₹43,500 |
| पुडुचेरी | ₹347 | ₹43,375 |
स्रोत: अधिसूचना S.O. 3518(E), 30-06-2026, 01-07-2026 से लागू। गज़ट PDF देखें
हिसाब कैसे लगाएँ
मान लीजिए आप बिहार में हैं और इस महीने 20 दिन काम किया। 20 × ₹300 = ₹6,000 बनते हैं। पूरे 125 दिन काम मिले तो साल में ₹37,500 तक। हरियाणा में यही 125 दिन ₹51,125 बनते हैं।
पर एक बात साफ़ समझ लें – यह “अधिकतम” हिसाब है। असली भुगतान इस पर टिका है कि मस्टर रोल में हाज़िरी कितनी लगी और काम की नाप-जोख (मेज़रमेंट) में कितना काम दर्ज हुआ। कई बार कम नाप दर्ज होने से पैसा भी कम आता है। ऐसा लगे तो मेट या रोज़गार सेवक से नाप की कॉपी देखने को कहें।
अपने दिन डालकर हिसाब लगाना हो तो मज़दूरी कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
बढ़ी हुई मज़दूरी कब से मिलेगी?
नई दर 1 जुलाई 2026 से किए गए काम पर लागू है। अगर जुलाई के बाद के काम का पैसा पुरानी दर से आया हो, तो पेमेंट की डिटेल निकालकर पंचायत में दिखाएँ। पेमेंट देखने का तरीक़ा यहाँ है।
